मिस्टर ढौंढियाल क्षेत्रवाद, जातपात का और कितना जहर घोलोगे देवभूमि में, आज गढ़वाल कुमाऊं, ठाकुर ब्राह्मण कर रहे हो, कल पहाड़ मैदान करोगो, अपने नेता के लिए कब तक शिखंडी वाला किरदार निभाओगे

मिस्टर ढौंढियाल क्षेत्रवाद, जातपात का और कितना जहर घोलोगे देवभूमि में, आज गढ़वाल कुमाऊं, ठाकुर ब्राह्मण कर रहे हो, कल पहाड़ मैदान करोगो, अपने नेता के लिए कब तक बहुरूपिए वाला किरदार निभाओगे

 

देहरादून। दिल्ली में देवभूमि के कई चेहरे उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं, तो कई खबरनवीस के रूप में पहाड़ के चेहरे दिल्ली में देवभूमि की छवि को बदरंग कर रहे हैं। दिल्ली में बैठ कर उत्तराखंड में क्षेत्रवाद, जातपात का जहर घोल रहे हैं। नेताजी के घर में ईगास पर बेड़ा भांड बन कर नाचने वाले ये मिस्टर ढौंढियाल लगातार उत्तराखंड की छवि को बदरंग करने में जुटे हैं। एक नेताजी को सीएम की कुर्सी पर बैठने का सपना देखने वाला ये गिरोह इस नीचता पर उतर आया है कि उसके लिए राज्य को ही क्षेत्रवाद, जातिवाद की आग में झुलसाने को तैयार बैठा है।
पहले इन्होंने उत्तराखंड का मान रहे नरेंद्र सिंह नेगी पर जातिवाद का आरोप लगाया। अपने चैनल के मंच पर देवभूमि के मान नरेंद्र सिंह नेगी पर ठाकुर ब्राह्मण करने का आरोप लगाया। इस नीचता के लिए तो उस मीडिया हाउस को इस भांड को नौकरी से निकाल बाहर कर देना चाहिए था। अब यही भांड लेकर आया है कि एक रिपोर्ट। जिसमें मंडी परिषद से मंजूर कुछ सड़कों का जिक्र है। इस लिस्ट के बहाने गढ़वाल के साथ भेदभाव का हव्वा खड़ा करने की बंदरंग, नापाक कोशिश की जा रही है। किस गढ़वाल के साथ भेदभाव की बात कर रहे हो, जहां जल जीवन मिशन का 70 प्रतिशत पैसा खर्च हुआ। किस गढ़वाल के साथ भेदभाव की बात कर रहे हो, जहां अकेले बदरीनाथ केदारनाथ धाम में ही डेढ़ हजार करोड़ से अधिक खर्च हुए। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन, ऑल वेदर रोड पर हजारों करोड़ खर्च हो चुके हैं। जहां पूरे राज्य में हर साल 90 प्रतिशत पर्यटक आते हैं। जहां बिजली योजनाओं का अकेले 75 प्रतिशत बजट खर्च होता है। जहां नमामि गंगे का शत प्रतिशत बजट खर्च होता है। जहां सबसे अधिक मजबूत सीवरेज, वॉटर सप्लाई नेटवर्क है।
कितना नीचे गिरोगे मिस्टर ढौंढियाल। जिस उत्तराखंड का नाम पूरे देश में राष्ट्रवाद की परपंरा के ध्वजवाहक के रूप में लिया जाता है, उस देवभूमि की छवि को अपनी संकीर्ण सोच से कितना और खराब करोगे। जिस उत्तराखंड के वीर सपूतों ने सरहद पर कभी भी देश पर अपनी जान न्यौछावर करने में एक पल का समय नहीं लगाया, उस उत्तराखंड पर सिर्फ अपने निजी स्वार्थ के लिए क्षेत्रवाद की इतनी बड़ी तोहमत लगा रहे हो। नेताजी को खुश करने के लिए क्या इस हद तक नीचता पर गिर जाओगे। मिस्टर ढौंढियाल इससे न सिर्फ तुम्हारे चरित्र का पता चलता है, बल्कि उनके चरित्र का भी पता चलता है, जिनके हाथों में तुम्हारी ये डोर है।

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