एमडीडीए के अधूरे तीन आवासीय प्रोजेक्ट जल्द होंगे पूरे

एमडीडीए के अधूरे तीन आवासीय प्रोजेक्ट जल्द होंगे पूरे

-मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में एमडीडीए उपाध्यक्ष ने काम में तेजी लाने के दिए निर्देश

-आईएसबीटी हाउसिंग परियोजना, धौलास आवासीय परियोजना एवं आमवाला तरला हाउसिंग प्रोजेक्ट का काम जल्द होगा पूरा

देहरादून। बीते कई सालों से अधूरे पड़े एमडीडीए के तीन बड़े आवासीय प्रोजेक्ट को लेकर हलचल तेज हो गई है। एमडीडीए उपाध्यक्ष श्री वंशीधर तिवारी ने आईएसबीटी हाउसिंग परियोजना, धौलास आवासीय परियोजना एवं आमवाला तरला हाउसिंग प्रोजेक्ट का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इनमें आईएसबीटी हाउसिंग परियोजना के 38 एचआईजी फ्लैट्स की बिक्री का विज्ञापन भी प्रकाशित कर दिया गया है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष श्री वंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में आमजन की आवासीय जरूरतों को पूर्ण करने की दिशा में प्राधिकरण ने तेजी से काम करना प्रारंभ कर दिया है।
उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की आईएसबीटी परियोजना में अधूरे पड़े एक ब्लॉक जिसमें कुल 38 एचआईजी फ्लैट हैं उनका निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसकी विज्ञप्ति भी प्रकाशित कर दी गयी है जिसका बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अगले दस से पंद्रह दिन में बाकी दो ब्लॉक में 134 फ्लैट्स का निर्माण पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये रखी गयी है।
इसी तरह से धौलास आवासीय परियोजना का काम भी तमाम कारणों के चलते लंबे समय से बंद था। यहां ews के 240 व mig के 168 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। निर्माणदायी संस्था को 2 करोड़ रुपये स्वीकृति दी गयी है जल्द ही बाकी पैसा भी प्रदान कर दिया जाएगा। ews फ्लैट्स के आवंटन हेतु मार्च 2024 जबकि mig के लिए जून 2024 की डेडलाइन निर्धारित की गई है।
इसके अलावा आमवाला तरला में भी जल्द काम शुरू हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट बीते 3 साल से रुका हुआ था। अब तमाम अड़चनों को दूर कर लिया गया है। जल्द ही यहां भी कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस परियोजना में 240 ews श्रेणी के फ्लैट्स का आवंटन किया जा चुका है जबकि एलआईजी, स्टूडियो, एमआईजी एवं एचआईजी के 358 फ्लैटों का निर्माण जल्द पूर्ण किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने बताया कि साइट पर इनमें से कुछ फ्लैट बने भी हुए हैं, लेकिन इनका काम अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि आम जन की आवसीय जरूरतों को पूर्ण करने के लिए प्राधिकरण प्रतिबद्ध है।

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