अब नहीं होती सूबे में बदलाव की चर्चा, धामी के विकास मॉडल ने बंद किए विघ्नसंतोषियों के मुँह

अब नहीं होती सूबे में बदलाव की चर्चा, धामी के विकास मॉडल ने बंद किए विघ्नसंतोषियों के मुँह

-पीएम मोदी का देवभूमि के मुखिया धामी से है विशेष लगाव, अक्सर होती हैं दोनों में मुलाकातें

देहरादून। उत्तराखंड में अब नेतृत्व परिवर्तन की बात गुजरे दिनों की बात हो गई है। सीएम धामी के नेतृत्व में जिस तरह से देवभूमि ने विकास की डगर पकड़ी है, उसने विघ्नसंतोषियों के मुँह पर ताले डाल दिए हैं। उधर, सीएम धामी के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री श्री अमित शाह के विश्वास ने स्पष्ट कर दिया है कि धामी को बतौर मुखिया लंबी पारी खेलनी है।
इसे उत्तराखंड का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि 23 साल का युवा उत्तराखंड अब तक आधा दर्जन से ज्यादा मुख्यमंत्री देख चुका है। हालांकि,ऐसा भी पहली बार हुआ है कि जब किसी एकदम युवा व जोश से लबरेज चेहरे के हाथ में सूबे की बागडोर सौंपी गई। सीएम धामी को जब करीब दो साल पहले तीरथ रावत को हटाकर सूबे का मुखिया बनाया गया तो विघ्नसंतोषियों ने तब भी न जाने कैसी कैसी बातें गढ़ी। ये और बात है कि धामी ने अपने काम और विकास का जो मॉडल जनता के समक्ष रखा, उसको जनता जनार्दन ने भी अनदेखा नहीं किया और जब राज्य में विधानसभा चुनाव हुए तो पहली बार ऐसा हुआ कि किसी एक राजनीतिक दल की सरकार दोबारा राज्य में बनी। ये धामी ही हैं जिन्होंने राज्य में 5-5 साल में सरकारों के बदलने का मिथक तोड़ा। धामी 2.0 का अब तक का कार्यकाल बता रहा है कि एक युवा चेहरे से आवाम को जो अपेक्षाएं हैं, वो पूरी हो रही हैं। वहीं, जिन अपेक्षाओं के साथ धामी को आलाकमान ने जो जिम्मेदारी सौंपी उससे दिल्ली भी संतुष्ट नजर आती है। अब इससे ज्यादा आश्चर्यजनक और क्या होगा कि जब-जब सीएम धामी दिल्ली दौरे पर जाते हैं तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से कुछ न कुछ सौगात पहाड़ी राज्य के लिए लाने में कामयाब होते हैं। यूं भी प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह दोनों धामी के काम से खुश नजर आते हैं और अब तक धामी को पूरी तरह से फ्री हैंड रहकर कार्य करने की छूट भी दी गयी है। यही वजह है कि उत्तराखंड आज देश का वो पहला राज्य बनने जा रहा है जहां समान नागरिक सहिंता लागू करने की तैयारी की जा रही है। इतना ही नहीं राज्य में धर्मांतरण कानून को भी लागू किया जा चुका है। राज्य में सरकारी जमीनों पर हुए कब्जों को मुक्त कराने के लिए धामी सरकार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। युवाओं के हितों को सुरक्षित रखने के लिए राज्य में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया जा चुका है। इसका नतीजा यह हुआ कि राज्य में आज पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं। विकास को जहां धामी सरकार गति दे रही है तो दिल्ली के साथ मिलकर डबल इंजन कज सरकार राज्य में सड़क और हवाई क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

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