गढ़वाल लोकसभा सीट पर कहीं भारी न पड़ जाए ये मास्टर स्ट्रोक, पहले ही चुनाव को पहाड़ बनाम दिल्ली बना चुके गोदियाल के लिए कहीं सहानुभूति की जमीन न तैयार कर दे ये उठापठक, राजनीतिक जानकार, टिकट वितरण से पहले एकतरफा नजर आ रही गढ़वाल सीट पर जरूरत से ज्यादा उठापटक पर उठा रहे हैं सवाल, भंडारी का ज्वाइनिंग से 12 घंटे पहले दिया गया भाषण हो रहा वायरल

गोपेश्वर। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के महज एक दिन बाद बदरीनाथ सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी के भाजपा ज्वाइन करने को कुछ लोग मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं। जबकि पहाड़ की राजनीति और पहाड़ के मिजाज को नजदीक से जानने वाले इसे चुनाव से ऐन पहले आत्मघाती कदम बता रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जिस तरह प्रत्याशी घोषित होने के महज चंद दिनों के भीतर कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने इस चुनाव को पहाड़ बनाम दिल्ली और पहाड़ के प्राकृतिक स्रोत (धारा) का पानी बनाम बिसलरी का पानी बना दिया है, उन हालात में विधायक भंडारी का कांग्रेस से टूटना, कहीं न कहीं गोदियाल के लिए सहानुभूति की जमीन न तैयार कर दे। दूसरा इस ज्वाइनिंग से भाजपा के आत्मविश्वास पर भी सवाल पैदा कर रहा है।
एक ओर भाजपा पीएम मोदी और सीएम धामी के ऐतिहासिक कामों के जरिए अपने लोकप्रियता के शिखर पर है। गढ़वाल लोकसभा सीट भाजपा के लिए सबसे अधिक कम्फर्ट जोन वाली सीट थी। अंकिता भंडारी प्रकरण के बावजूद इस सीट पर भाजपा की लोकप्रियता का आलम ये रहा कि पूरे पांच साल प्रचार में जुटे कांग्रेस के प्रत्याशी मनीष खंडूडी को भी भाजपा ज्वाइन करना पड़ा। इसके बावजूद इस सीट पर भाजपा की ओर से एक के बाद एक कांग्रेसियों को ज्वाइन कराने के क्रम से जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं। लोगों का मानना है कि जब भाजपा अभी तक गढ़वाल सीट को लेकर इतनी अधिक आश्वस्त थी, तो अब अचानक तीन चार दिनों में ऐसा क्या हो गया कि पार्टी को एक के बाद एक कांग्रेस में सेंधमारी करने की जरूरत पड़ रही है। ऊपर से कांग्रेस के ऐसे विधायक तक की ज्वाइनिंग करा दी गई कि जिनकी जिला पंचायत अध्यक्ष पत्नी पर भाजपा सालों से भ्रष्टाचार के आरोप लगाती रही।
खुद राजेंद्र भंडारी भाजपा में अपनी ज्वाइनिंग से महज 12 घंटे पहले तक पानी पी पीकर भाजपा को कोस रहे थे। गढ़वाल संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी को दिल्ली वाला बताने तक से नहीं चूक रहे थे। अब भंडारी का यही भाषण भाजपा के खिलाफ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने भी पहले ही दिन से इस चुनाव को पहाड़ बनाम दिल्ली बनाने का काम किया है। इसे लेकर उनकी टीम भी लगातार सोशल मीडिया और जनता के बीच एक्टिव है। अब राजेंद्र भंडारी, केसर सिंह नेगी, नवल समेत अन्य लोगों के भाजपा ज्वाइन करने और ज्वाइनिंग की तैयारी करने से जाने अनजाने में जनता के बीच गणेश गोदियाल कहीं अपने लिए सहानुभूति पैदा करने में सफल न हो जाएं, इसे लेकर भाजपा के भीतर भी मंथन होने लगा है। क्योंकि मौजूदा समय में कांग्रेसी अपने प्रत्याशी गोदियाल के लोकल कार्ड खेलने से बनी स्थिति के कारण अपनी सबसे मजबूत स्थिति इसी गढ़वाल सीट पर मान कर चल रहे हैं।

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