पहले त्रिवेंद्र, फिर तीरथ रावत के सीएम पद से हटने की कौन है असल वजह, कांग्रेस प्रत्याशी गोदियाल ने किया खुलासा, बताया भाजपा के मुख्यमंत्रियों को आजतक किसने किया अस्थिर, किसने चला मुख्यमंत्रियों को हटाने का खेल, गोदियाल के आरोपों से उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक मची हलचल

देहरादून। उत्तराखंड में भाजपा सरकारों को बार अस्थिर करने, बार सीएम बदलने के मामले में अभी तक पूर्व सीएम हरीश रावत ही इशारों इशारों में भाजपा के कुछ नेताओं पर तंज कसते थे। अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और गढ़वाल संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकारों को अस्थिर करने, बार बार सीएम बदलने का असल जिम्मेदार भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद और गढ़वाल सीट से 2024 के प्रत्याशी अनिल बलूनी को ही बता दिया है। गोदियाल ने कहा की भाजपा प्रत्याशी ने पौड़ी में तारामंडल के शिलान्यास कार्यक्रम में कहा की अब पौड़ी के विकास की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। यदि उन्हें गढ़वाल की इतनी ही चिंता थी, तो उन्होंने छह साल राज्यसभा सांसद रहते हुए क्यों गढ़वाल के विकास पर ध्यान नहीं दिया। जबकि बलूनी बार बार यही जतलाते हैं की वे पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बेहद करीबी हैं। यदि वे इतने ही करीबी हैं, तो उन्होंने अपने इन संपर्कों का इस्तेमाल क्यों राज्य और गढ़वाल क्षेत्र के विकास पर क्यों नहीं किया। कहा की बार बार भाजपा के मुख्यमंत्रियों को बदलनवाने समेत सांसदों के टिकट कटवाने में जरूर अहम भूमिका निभाई।
पहले त्रिवेंद्र, फिर तीरथ रावत के सीएम पद से हटने की असल वजह का कांग्रेस प्रत्याशी गोदियाल ने खुलासा किया। गोदियाल के इन आरोपों से उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक भाजपा के भीतर हलचल मच गई है।

गोदियाल का सवाल, क्या बलूनी को रिपोर्ट करता है चुनाव आयोग
गणेश गोदियाल ने भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी पर एक और गंभीर आरोप लगाया। कहा की पौड़ी में तारामंडल के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी ने अपने भाषण में शनिवार 16 मार्च को ही चुनाव आचार संहिता लगने का खुलासा कर दिया था। कहा की क्या चुनाव आयोग सीधे बलूनी को रिपोर्ट करता है।

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