धामी का प्रहार, एक साल में दर्जन से ज्यादा अफसरों पर सख्त कार्रवाई

भ्रस्टाचारियों पर कहर बनकर टूट रहे धामी, बीते कुछ माह में एक दर्जन अफसरों पर की ठोस कार्रवाई

-उत्तराखंड राज्य में भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों से मुक्त करना शीर्ष प्राथमिकता में शामिल

देहरादून। उत्तराखंड में सुशासन, अंत्योदय और जीरो टॉलरेंस के मंत्र पर काम कर रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तेवरों ने गलत काम करने वालों के होश उड़ाए हुए हैं। भर्तियों में सालों से चल रही धांधलियों को जहां सीएम धामी ने जड़ से मिटाने का संकल्प लेते हुए देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है तो सिस्टम में जड़े जमा चुके भ्रस्ट अफसरों पर भी सीएम धामी कहर बनकर टूट रहे हैं।
बीते डेढ़ साल में भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के सिस्टम को दीमक की तरह धीरे-धीरे चट कर रहे ऐसे तमाम अफसरों पर शिकंजा कस दिया है। धामी ने इसके जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि देवभूमि में भ्रष्टाचार और भ्रस्टाचारियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
यह धामी ही हैं जिन्होंने राज्य के इतिहास में पहली बार आईएएस से लेकर आईएफएस और पीसीएस अधिकारियों को जेल की सलाखों के पीछे धकेलने में देर नहीं लगाई। बीते कुछ माह के अंतराल में ही धामी एक दर्जन के करीब अफसरों पर कार्रवाई का चाबुक चला चुके हैं।
आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जहां आईएएस अधिकारी रामविलास यादव को सस्पेंड कर सीधे जेल भेजा गया तो आईएफएस जे.एस सुहाग और किशन चंद को भी उनके कारनामों के चलते सस्पेंड करने में देर नहीं लगाई। जांच के बाद किशन चंद को जेल भेजा गया है। वहीं, भ्रस्टाचार के मामले में सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता पर भी कड़ा एक्शन लेते हुए डीके सिंह एवं सुरेश पाल को सस्पेंड किया गया तो पिटपुल के महाप्रबंधक रहे प्रवीन टंडन को भी निलंबित किया गया।उद्यान विभाग के निदेशक हरमिंदर बवेजा पर भी कार्रवाई का चाबुक चलाते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। बवेजा पर तमाम अनियमितताओं के आरोप थे। इसके बाद अपर निदेशक उद्यान आरके सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया।
देहरादून के रजिस्ट्रार कार्यालय में बीते कई सालों से जमीनों के दस्तावेजों में चल रही गड़बड़ी का खुलासा करते हुए इस प्रकरण में सब रजिस्टार रामदत्त मिश्रा को भी निलंबित किया गया तो रेलवे स्टेशन पर टैक्स चोरी मामले में भी तीन अधिकारियों को धामी बे जीरो टॉलरेंस का पाठ पढ़ाते हुए निलंबित कर दिया। इसके अलावा सहायक आयुक्त कुलदीप सिंह, उपायुक्त यशपाल सिंह सस्पेंड, संयुक्त आयुक्त वीपी सिंह को भी सस्पेंड करने में देर नहीं लगाई।
इसके अलावा चमोली के नमामि गंगे के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में 16 लोगों की जान जाने के मामले में बगैर देर किए जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता हरदेव लाल एवं ऊर्जा निगम के जूनियर इंजीनियर कुंदन सिंह रावत को सस्पेंड किया।
मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट कहना है कि उत्तराखंड राज्य में भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों के लिए कोई स्थान नहीं है। पारदर्शी शासन बनाने के लिए जो भी शिकायतें आ रही हैं उन पर त्वरित कार्रवाई हो रही है।

1064 पर कर सकते हैं शिकायत

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने 1064 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। यदि किसी भी व्यक्ति से कोई अधिकारी रिश्वत की मांग करता है तो वह 1064 में शिकायत कर सकता है। ऐसे में शिकायतकर्ता का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा।

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